मथुरायां ये वसन्ति विष्णुरूपा हि ते नराः।
ज्ञानिनः तान्हि पश्यन्ति अज्ञाः पश्यन्ति तान्न च॥
- वराहपुराण, मथुरा महात्म (165.67)
ब्रज वासी भगवान [विष्णु] के ही रूप हैं, केवल ज्ञानी जन ही उनका दर्शन कर सकते हैं, अज्ञानी नहीं।
ज्ञानिनः तान्हि पश्यन्ति अज्ञाः पश्यन्ति तान्न च॥
- वराहपुराण, मथुरा महात्म (165.67)
ब्रज वासी भगवान [विष्णु] के ही रूप हैं, केवल ज्ञानी जन ही उनका दर्शन कर सकते हैं, अज्ञानी नहीं।

