नारायण सुख भोग में, मस्त सभी संसार - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (66)

नारायण सुख भोग में, मस्त सभी संसार - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (66)

नारायण सुख भोग में, मस्त सभी संसार।
कोऊ मस्त वा मौज में, देख्यो आंख पसार॥

- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (66)

श्री नारायण स्वामी कहते हैं की समस्त संसार विषय सुख भोग में ही डूबा हुआ है, कोई बिरला ही है जो श्री हरि की रूप माधुरी को निहार रहा है।