जामें रस सोई हरौ, यह जानत सब कोय।
गौर श्याम दोऊ रंग बिनु, हरौ रंग नहिं होय॥
- ब्रज के दोहे
सब जानते हैं कि जिसमें रस होता है, वही वास्तव में हरा (रसीला) होता है। जैसे नीले और पीले रंग के मेल से हरा रंग बनता है, वैसे ही गौरवर्ण श्री राधिका और श्यामवर्ण श्री कृष्ण के मिलन से ही अद्भुत प्रेम-रस प्रकट होता है।
गौर श्याम दोऊ रंग बिनु, हरौ रंग नहिं होय॥
- ब्रज के दोहे
सब जानते हैं कि जिसमें रस होता है, वही वास्तव में हरा (रसीला) होता है। जैसे नीले और पीले रंग के मेल से हरा रंग बनता है, वैसे ही गौरवर्ण श्री राधिका और श्यामवर्ण श्री कृष्ण के मिलन से ही अद्भुत प्रेम-रस प्रकट होता है।

