जय जय जय देव देव देव - श्री बिल्वमंगल, श्री कृष्ण कर्णामृतम (108)

जय जय जय देव देव देव - श्री बिल्वमंगल, श्री कृष्ण कर्णामृतम (108)

जय जय जय देव देव देव त्रिभुवनमंगलदिव्यनामधेय ।
जय जय जय देव कृष्ण देव श्रवणमनोनयनामृतावतार ।।

- श्री बिल्वमंगल, श्री कृष्ण कर्णामृतम (108)

हे देव तुम्हारी जय हो । जय हो । जय हो । तुम्हारा नाम दिव्य है और त्रिभुवन में मंगल करने वाला है । हे देव हे कृष्णदेव तुम्हारी जय हो, जय हो, जय हो । तुम कान, मन तथा आंखों के लिए अमृत के अवतार हो ।