राधानाम समं नास्ति नास्ति राधासमा प्रिया
नास्ति प्रेमवती राधा समा चापि जगत्रये ।।
- श्री सिद्धेश्वर तंत्र
भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि तीनों लोकों में श्री राधा नाम के समान तो दूसरा नाम कोई है ही नहीं और श्री राधा के समान मेरी प्रिया नहीं और प्रेमवती श्री राधिका के तुल्य [समान] और कोई नहीं ।

