परम रसिकनी लाड़िली जाको महल रसाल - श्री प्रियादास जी, रसिक मोहिनी (10)

परम रसिकनी लाड़िली जाको महल रसाल - श्री प्रियादास जी, रसिक मोहिनी (10)

परम रसिकनी लाड़िली, जाको महल रसाल ।
कृपा करै काहू रीति में, तव वन वसै निहाल ॥
- श्री प्रियादास जी, रसिक मोहिनी (10)

श्री राधिका परम रसिकनी हैं और उनका महल अत्यन्त रस-माधुरी से परिपूर्ण है। जब वे किसी पर प्रसन्न होती हैं, तभी कृपा करके उसे श्री वृन्दावन का वास प्रदान कर कृतार्थ कर देती हैं।