बडौ रास मंडल इहां, सेवित हित हरिवंश ।
गुहौ जनेऊ तोर के, व्यास दास अवतंश॥
- श्री हित रूप लाल, श्री वृंदावन स्मरण (42)
श्री वृन्दावन में ‘बड़ा रास-मंडल’ नामक एक अत्यंत पावन स्थान है, जहाँ श्री हित हरिवंश महाप्रभु ने श्री राधा-कृष्ण की सेवा की थी। इसी स्थान पर एक बार रास-लीला के समय, जब श्री राधारानी की पायल टूट गई थी, तब श्री हरिराम व्यास जी ने अपना जनेऊ तोड़कर उनके चरणों में अर्पित कर दिया था।
गुहौ जनेऊ तोर के, व्यास दास अवतंश॥
- श्री हित रूप लाल, श्री वृंदावन स्मरण (42)
श्री वृन्दावन में ‘बड़ा रास-मंडल’ नामक एक अत्यंत पावन स्थान है, जहाँ श्री हित हरिवंश महाप्रभु ने श्री राधा-कृष्ण की सेवा की थी। इसी स्थान पर एक बार रास-लीला के समय, जब श्री राधारानी की पायल टूट गई थी, तब श्री हरिराम व्यास जी ने अपना जनेऊ तोड़कर उनके चरणों में अर्पित कर दिया था।

