जिह्वाग्रे राधिकानाम नेत्राग्रे राधिकातनुः - ब्रह्मांड पुराण, श्री राधास्तोत्रम् (9)

जिह्वाग्रे राधिकानाम नेत्राग्रे राधिकातनुः - ब्रह्मांड पुराण, श्री राधास्तोत्रम् (9)

जिह्वाग्रे राधिकानाम नेत्राग्रे राधिकातनुः ।
कर्णे च राधिकाकीर्तिर्मानसे राधिका सदा ॥

- ब्रह्मांड पुराण, श्री राधास्तोत्रम् (9)

जीभ के आगे श्री राधा का नाम, नेत्रों के आगे श्री राधा की मूर्ति, कानों के आगे श्री राधा महारानी की कीर्ति और मन से राधिका की भक्ति (भजन) सदा बना रहे ।