गुह्याद्गुह्यतरं रम्यं मध्ये वृंदावनं भुवि
अक्षरं परमानंदं गोविंदस्थानमव्ययम् ।।
- पद्मपुराण, खण्डः 5 (पातालखण्डः), अध्याय 69, छंद 71
पृथ्वी पर व्याप्त श्री वृंदावन समस्त रहस्यों से भी बड़ा रहस्य है। यह गोविंद का नित्य निवास स्थान है, एवं परमानंद स्वरूप है।
अक्षरं परमानंदं गोविंदस्थानमव्ययम् ।।
- पद्मपुराण, खण्डः 5 (पातालखण्डः), अध्याय 69, छंद 71
पृथ्वी पर व्याप्त श्री वृंदावन समस्त रहस्यों से भी बड़ा रहस्य है। यह गोविंद का नित्य निवास स्थान है, एवं परमानंद स्वरूप है।

