(राग भैरवी त्रिताल)
राधा नाम परम सुखदायी ।
जाके सुमरित उर में आवत, सुन्दर कुँवर कन्हाई ।। [1]
दिव्य केलि श्रीवृंदावन की, मन में रही समाई ।
हितमय रसमय नाम पियारो, रसिकन के मन भाई ।। [2]
कालिन्दी की लहर-लहर ने, राधा-राधा धूम मचाई ।
गोपालप्रिया हित नाम पियारो, रसना पै रह्यौ छाई ।। [3]
- श्री हित गोपाल दास [सेवा कुञ्ज वाले], निकुंज रस वल्लरी (74)
श्री राधा नाम परम सुख दायी है, जो भी इस नाम का सुमिरन करता है, तत्काल ही सुंदर कृष्ण कन्हैया लाल उस जीव के हृदय में आ जाते हैं । [1]
इस नाम के प्रभाव से श्री वृंदावन धाम की दिव्य केली मन में समाई रहती है । यह नाम प्रेम मय है, रस परिपूर्ण है एवं समस्त रसिकों को भाता है । [2]
श्री यमुना जी की लहर लहर “राधा राधा” गाती है । श्री हित गोपाल दास कहते हैं कि उन्हें भी यह नाम बहुत प्रिय है, एवं उनकी रसना पर “श्री राधा" नाम ही छाया हुआ है । [3]
राधा नाम परम सुखदायी ।
जाके सुमरित उर में आवत, सुन्दर कुँवर कन्हाई ।। [1]
दिव्य केलि श्रीवृंदावन की, मन में रही समाई ।
हितमय रसमय नाम पियारो, रसिकन के मन भाई ।। [2]
कालिन्दी की लहर-लहर ने, राधा-राधा धूम मचाई ।
गोपालप्रिया हित नाम पियारो, रसना पै रह्यौ छाई ।। [3]
- श्री हित गोपाल दास [सेवा कुञ्ज वाले], निकुंज रस वल्लरी (74)
श्री राधा नाम परम सुख दायी है, जो भी इस नाम का सुमिरन करता है, तत्काल ही सुंदर कृष्ण कन्हैया लाल उस जीव के हृदय में आ जाते हैं । [1]
इस नाम के प्रभाव से श्री वृंदावन धाम की दिव्य केली मन में समाई रहती है । यह नाम प्रेम मय है, रस परिपूर्ण है एवं समस्त रसिकों को भाता है । [2]
श्री यमुना जी की लहर लहर “राधा राधा” गाती है । श्री हित गोपाल दास कहते हैं कि उन्हें भी यह नाम बहुत प्रिय है, एवं उनकी रसना पर “श्री राधा" नाम ही छाया हुआ है । [3]

![राधा नाम परम सुखदायी - श्री हित गोपाल दास [सेवा कुञ्ज वाले], निकुंज रस वल्लरी (74)](https://images.brajrasik.org/61815338790f83000966cdb5-m.jpeg)