बेद भेद जानें नहीं, नेति नेति कहै बैन।
ता मोहन पै राधिका, रहै महावर दैन॥
- ब्रज के दोहे
जिन श्री कृष्ण के रहस्य को वेद भी नहीं जान पाते और अंततः 'नेति-नेति' कहकर मौन हो जाते हैं, वही श्री कृष्ण, श्री राधा के चरणों में महावर लगाकर उन श्री चरणों की सेवा करते रहते हैं।
ता मोहन पै राधिका, रहै महावर दैन॥
- ब्रज के दोहे
जिन श्री कृष्ण के रहस्य को वेद भी नहीं जान पाते और अंततः 'नेति-नेति' कहकर मौन हो जाते हैं, वही श्री कृष्ण, श्री राधा के चरणों में महावर लगाकर उन श्री चरणों की सेवा करते रहते हैं।

