जे जे राधा नाम कौं, भजत जगत में जान - श्री वंशी अलि, हृदय सर्वस्व (20)

जे जे राधा नाम कौं, भजत जगत में जान - श्री वंशी अलि, हृदय सर्वस्व (20)

जे जे राधा नाम कौं, भजत जगत में जान ।
ते ते सब हमरे सदा, हैंगे जीवन प्रान ॥

- श्री वंशी अलि, हृदय सर्वस्व (20)

जो भी इस संसार में श्री राधा-नाम का भजन करते हैं, वे सब मुझे अपने प्राणों के समान प्रिय लगते हैं।