हमारौ मेल मिलाप है तो सों प्यारी - श्री ललित किशोरी देव, सिद्धांत के पद (160)

हमारौ मेल मिलाप है तो सों प्यारी - श्री ललित किशोरी देव, सिद्धांत के पद (160)

हमारौ मेल मिलाप है तो सों प्यारी ।
तेरेई गर्व भरे हैं सुनि अति हितकारी ।। [1]
तेरे सुख में सुख सदा हे जीव जिवारी ।
रसिक सिरोमानि लाडिली श्री हरिदास दुलारी ।। [2]

- श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धांत के पद (160)

हमारा मेल मिलाप [प्रेम का सम्बंध] केवल अति उदार चूड़ामणि श्री कुंजबिहारिनी प्यारी ज़ू [राधा रानी] से ही है और श्री प्यारी ज़ू के गर्व में ही हम नित्य भरे हुए हैं । [1]

श्री प्यारी ज़ू ही हमारा प्राण है और श्री प्यारी ज़ू का सुख ही हमारे जीवन का मूल आधार है । श्री ललित किशोरी जी कहते हैं कि परम रसिक शिरोमणि स्वामी श्री हरिदास जी की दुलारी श्री श्यामा प्यारी [राधा रानी] ही हैं । [2]