व्यास एक ही बात गही, राधावल्लभ धाम ।
और अनेक सुभक्त सौं, मेरौ नाहिन काम॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (70)
श्री हरिराम व्यास जी कहते हैं कि मेरा तो केवल श्री राधावल्लभ के निज धाम से ही संबंध है। अन्य अनेक उत्तम भक्तों या मार्गों से मेरा अब कोई प्रयोजन नहीं है।
और अनेक सुभक्त सौं, मेरौ नाहिन काम॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (70)
श्री हरिराम व्यास जी कहते हैं कि मेरा तो केवल श्री राधावल्लभ के निज धाम से ही संबंध है। अन्य अनेक उत्तम भक्तों या मार्गों से मेरा अब कोई प्रयोजन नहीं है।

