आत्मानंदसमुद्रस्थं कृष्णमेव विचिंतयेत् ।
लोकार्थी चेदभजेत कृष्णं क्लिष्टो भवति सर्वथा ।।
- महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य, सिद्धान्तमुक्तावली (16)
जो जीव भक्ति भाव से श्री कृष्ण का चिंतन करता है वो अपने आनंद के समुद्र में रहता है। जो जीव सांसारिक लक्ष्य से कृष्ण की पूजा करते हैं, उन्हें हमेशा कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
लोकार्थी चेदभजेत कृष्णं क्लिष्टो भवति सर्वथा ।।
- महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य, सिद्धान्तमुक्तावली (16)
जो जीव भक्ति भाव से श्री कृष्ण का चिंतन करता है वो अपने आनंद के समुद्र में रहता है। जो जीव सांसारिक लक्ष्य से कृष्ण की पूजा करते हैं, उन्हें हमेशा कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

