(राग काफ़ी)
लाल तेरे जादु भरे दोउ नैन ।
चितवन में चित्त वश करि लेवेँ, मोहनी मंत्र है सैन ।। [1]
अति बाँके सुन्दर मतवारे, अनियारे छबि ऐन ।
नारायण इनके बिन देखे, पल छिन परत न चैन ।। [2]
- श्री नारायण स्वामी, ब्रज विहार, युगल छदम लीला (26)
हे बाँके बिहारी लाल, तुम्हारे नैन जादु भरे हैं जो ऐसा मोहिनी मंत्र डाल देती हैं कि जिसकी चितवन की कोर ही हमारे चित्त को वश में कर लेती है । [1]
यह नैन अति बाँके, सुंदर, मतवारे, एवं अनियारे छवि वाले हैं । श्री नारायण स्वामी कहते हैं कि इन नैनों को देखे बिना एक पल का भी चैन नहीं मिलता । [2]
लाल तेरे जादु भरे दोउ नैन ।
चितवन में चित्त वश करि लेवेँ, मोहनी मंत्र है सैन ।। [1]
अति बाँके सुन्दर मतवारे, अनियारे छबि ऐन ।
नारायण इनके बिन देखे, पल छिन परत न चैन ।। [2]
- श्री नारायण स्वामी, ब्रज विहार, युगल छदम लीला (26)
हे बाँके बिहारी लाल, तुम्हारे नैन जादु भरे हैं जो ऐसा मोहिनी मंत्र डाल देती हैं कि जिसकी चितवन की कोर ही हमारे चित्त को वश में कर लेती है । [1]
यह नैन अति बाँके, सुंदर, मतवारे, एवं अनियारे छवि वाले हैं । श्री नारायण स्वामी कहते हैं कि इन नैनों को देखे बिना एक पल का भी चैन नहीं मिलता । [2]

