त्रैलोक्यगोपितं देवि - पद्मपुराण, खण्डः 5 (पातालखण्डः), अध्याय 69, छंद (58)

त्रैलोक्यगोपितं देवि - पद्मपुराण, खण्डः 5 (पातालखण्डः), अध्याय 69, छंद (58)

त्रैलोक्यगोपितं देवि देवेश्वरसुपूजितम्
ब्रह्मादिवांछितं स्थानं सुरसिद्धादिसेवितम् ।।

- पद्मपुराण, खण्डः 5 (पातालखण्डः), अध्याय 69, छंद (58)

हे देवी, श्री वृंदावन को तीनों लोकों में गोपनीय रखा गया है एवं यह देवों के ईश्वर द्वारा भी पूजित है । यह नित्य ही भगवान ब्रह्मा आदि द्वारा वांछित है, एवं यह देवताओं, सिद्धों आदि द्वारा सेवित है ।