निसि दिन तौ जाँचत रहौ, वृन्दावन रस-रैन ।
छिन-छिन दंपति छबि छटा, छाइ रहौ 'ध्रुव' नैन ॥
- श्री ध्रुवदास, ब्यालीस लीला, प्रेम लता (68)
मैं रात-दिन वृन्दावन की रस-रेणु से यही याचना करता हूँ कि लाड़िली-लाल रूपी रसिक युगल दम्पति की प्रति क्षण नवनवीन छवि-छटा मेरे नेत्रों में सदा के लिए बस जाए।
छिन-छिन दंपति छबि छटा, छाइ रहौ 'ध्रुव' नैन ॥
- श्री ध्रुवदास, ब्यालीस लीला, प्रेम लता (68)
मैं रात-दिन वृन्दावन की रस-रेणु से यही याचना करता हूँ कि लाड़िली-लाल रूपी रसिक युगल दम्पति की प्रति क्षण नवनवीन छवि-छटा मेरे नेत्रों में सदा के लिए बस जाए।

