प्यारे राधा राधा रटो, भगो नट नागर आवेगो।
तेरे हिय में उठे हिलोर, प्रेम सागर लहरावेगो॥
- ब्रज के दोहे
अरे प्यारे! यदि तू नित्य “राधा राधा” रटेगा, तो निश्चित ही श्री नटवर नागर श्री कृष्ण दौड़े चले आएँगे। तेरे हृदय में प्रेम की तरंग उठेगी और भीतर प्रेम-सागर लहराने लगेगा।
तेरे हिय में उठे हिलोर, प्रेम सागर लहरावेगो॥
- ब्रज के दोहे
अरे प्यारे! यदि तू नित्य “राधा राधा” रटेगा, तो निश्चित ही श्री नटवर नागर श्री कृष्ण दौड़े चले आएँगे। तेरे हृदय में प्रेम की तरंग उठेगी और भीतर प्रेम-सागर लहराने लगेगा।

