यन्नामस्मरणात श्वपाकोपि भवेद्विज: ।
विश्वोद्धारकरी सद्यौ नामस्मरणमात्रत: ।।
- श्री वंशीअलि, श्री राधासिद्धांत (19)
श्री राधा के नाम स्मरण करने से श्वपच भी द्विज बन जाता है । “राधा” नाम के स्मरण मात्र से समस्त जीवों का शीघ्र कल्याण सम्भव है ।
विश्वोद्धारकरी सद्यौ नामस्मरणमात्रत: ।।
- श्री वंशीअलि, श्री राधासिद्धांत (19)
श्री राधा के नाम स्मरण करने से श्वपच भी द्विज बन जाता है । “राधा” नाम के स्मरण मात्र से समस्त जीवों का शीघ्र कल्याण सम्भव है ।

