राधा नाम नवल नामावली, सो निस दिन उर धारी ।
अलबेलीअलि एक भरोसे, सोवत पैर पसारी॥
- श्री अलबेली अलि, विनय कुंडलियाँ
श्री अलबेली अलि कहती हैं कि श्री राधा की नवल नामावली को निशिदिन हृदय में धारण कर, एक श्री राधा महारानी के भरोसे, वह दोनों पाऊँ पसार कर, निश्चिंत होकर, सोती हैं ।

