बन्दौ राधा पद कमल, अमल सकल सुख धाम ।
जिन के परसन हित रहत, लालाइत नित स्याम॥
- श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार (भाईजी), पद रत्नाकर, वंदना एवं प्रार्थना (8.1)
मैं नित्य श्री राधा के अमल चरण-कमलों को प्रणाम करता हूँ, जो समस्त सुखों के धाम हैं। उन चरणों का प्रेमपूर्वक स्पर्श करने के लिए स्वयं भगवान श्रीकृष्ण भी सदा लालायित रहते हैं।
जिन के परसन हित रहत, लालाइत नित स्याम॥
- श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार (भाईजी), पद रत्नाकर, वंदना एवं प्रार्थना (8.1)
मैं नित्य श्री राधा के अमल चरण-कमलों को प्रणाम करता हूँ, जो समस्त सुखों के धाम हैं। उन चरणों का प्रेमपूर्वक स्पर्श करने के लिए स्वयं भगवान श्रीकृष्ण भी सदा लालायित रहते हैं।

