(श्री) राधावल्लभ मूल अरु - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (6)

(श्री) राधावल्लभ मूल अरु - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (6)

(श्री) राधावल्लभ मूल अरु, और फूल दल डार ।
व्यास इनहिं तैं होत हैं, अंस कला अवतार ॥

- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (6)

श्री राधावल्लभ लाल ही सबके मूल (जड़) हैं, और अन्य सब उसी वृक्ष के पुष्प, पत्ते और डालियों के समान हैं। श्री हरिराम व्यास जी कहते हैं कि उन्हीं मूल तत्त्व से ही भगवान के सभी अंश और कला-अवतार प्रकट होते हैं।