हनुमान गढ़ी मंदिर, वृन्दावन

हनुमान गढ़ी मंदिर, वृन्दावन

हनुमान गढ़ी मंदिर वृन्दावन में ब्रह्म कुण्ड के समीप में स्थित है। यहाँ श्री हनुमान जी ने बैठ कर श्री राम जी का चिंतन किया था। इसलिए इसे शांति पीठ कहते है। त्रेतायुग में जब राम सेतु निर्माण के लिए श्री हनुमान जी हिमालय से गोवर्धन पर्वत ले जा रहे थे, उसी समय राम सेतु के निर्माण के पूर्ण होने की सुचना आयी, और श्री राम का आदेश हुआ की जो भी सेवक शिलाओं के संग जहाँ है वहीँ उस शिला को रख कर लौट आए। जब श्री हनुमान जी को यह सूचना प्राप्त हुई उस समय वे गोवर्धन पर्वत लिए ब्रज की सीमा में थे, अतः उन्होंने गोवर्धन पर्वत को ब्रज में ही स्थापित कर दिया। इसपर गोवर्धन पर्वत ने श्री हनुमान जी से प्रश्न किया की अब मुझे श्री हरी के दर्शन कैसे होंगे ? इस प्रश्न को सुनकर श्री हनुमान जी ने इसी स्थान पर बैठकर श्री राम जी का ध्यान किया था। ध्यान में श्री राम जी से प्रश्न का निवारण प्राप्त हुआ जिसे श्री हनुमान जी ने गोवर्धन पर्वत को सुनाया की "प्रभु श्री हरि द्वापर युग में इसी ब्रज धाम में अवतार ग्रहण करेंगे और आप के संग अनेक लीलाएं संपन्न करेंगे।" इस उत्तर को सुनकर गोवर्धन पर्वत के व्याकुल ह्रदय को शांति प्राप्त हुई। इसी से इस स्थान को शांति पीठ कहते हैं।

स्थान :
हनुमान गढ़ी मन्दिर श्री वृन्दावन में ब्रह्म कुण्ड के समीप गढ़ेला बाग में स्थित है।