तनक बड़ाई पाय के, मन में अधिक गरूर।
नारायण जिन बैठ मग, साहब को घर दूर॥
- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (35)
थोड़ा सा सम्मान पा कर उपासक को अहंकार नहीं करना चाहिए, इससे अतिदुर्लभ भगवत मार्ग बाधित हो जाता है।
नारायण जिन बैठ मग, साहब को घर दूर॥
- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (35)
थोड़ा सा सम्मान पा कर उपासक को अहंकार नहीं करना चाहिए, इससे अतिदुर्लभ भगवत मार्ग बाधित हो जाता है।

