अन्येषु पुन्य क्षेत्रेषु मुक्तिरेव महाफलम् - पद्म पुराण, पातालखण्ड

अन्येषु पुन्य क्षेत्रेषु मुक्तिरेव महाफलम् - पद्म पुराण, पातालखण्ड

 अन्येषु पुन्य क्षेत्रेषु मुक्तिरेव महाफलम्। मुक्तैः प्रार्थ्या हरेर्भक्तिः मथुरायान्तु लभ्यते॥
त्रिरात्रमपि ये तत्र वसन्ति मनुजा मुने। हरि दध्यात् सुखं तेषां मुक्तानामपि दुर्लभम्॥

- पद्म पुराण, पातालखण्ड

अन्य पुण्य क्षेत्रों में मुक्ति ही महाफल है। और मुक्त जनों की प्रार्थनीय हरिभक्ति मथुरा (ब्रज) में प्राप्त होती है। हे मुने! जो मनुष्य मथुरा तीन रात्री निवास करता है, श्रीहरि उसको मुक्तगणों को भी दुर्लभ सुख प्रदान करते हैं।