हाड़ मांस की पुतरी, हरि तोय दई अमोल - ब्रज के दोहे

हाड़ मांस की पुतरी, हरि तोय दई अमोल - ब्रज के दोहे

हाड़ मांस की पुतरी, हरि तोय दई अमोल।
जबलों यामें शुक बसै, राधा राधा बोल॥

- ब्रज के दोहे

यह मानव-शरीर हाड़-मांस से बना हुआ होते हुए भी भगवान हरि का अत्यंत अनमोल उपहार है। इसलिए जब तक इसमें प्राण हैं, तब तक “राधा राधा” नाम का जप करते रहना चाहिए।