बड़ी वस्तु मधि विघन अति, होत न तनक उपाव - श्री किशोर दास, श्री वृंदाविपुन विलास (10)

बड़ी वस्तु मधि विघन अति, होत न तनक उपाव - श्री किशोर दास, श्री वृंदाविपुन विलास (10)

बड़ी वस्तु मधि विघन अति, होत न तनक उपाव ।
नित्य किसोरी की कृपा, बिन नहिं बनत बनाव ॥

- श्री किशोर दास, श्री वृंदाविपुन विलास (10)

श्री वृन्दावन-वास फलस्वरूप है, जिसे प्राप्त करने में अनेक विघ्न आ सकते हैं। इसे प्राप्त करने का अन्य कोई उपाय नहीं; केवल नित्य किशोरी श्री राधिका की कृपा से ही यह सुलभ होता है।