कहा करौं ऊपर निरखि, वृथा गवाऊँ शक्ति। जब श्री चरणन ही मिलै, मोही अनूठी भक्ति॥ - ब्रज के दोहे जब श्री राधा के युगल श्री चरणों की अनूठी भक्ति प्राप्त हो गई है, तो अब वृथा कहीं और निरखकर व्यर्थ की शक्ति गँवाने से क्या लाभ?