प्यारी जू की चितवनि में कछु टोना - श्री ब्रज निधि जी

प्यारी जू की चितवनि में कछु टोना - श्री ब्रज निधि जी

(राग ईमन)
प्यारी जू की चितवनि में कछु टोना ।
मोहि लियो मिठ बोलन डोलन, सुन्दर श्याम सलौना ॥ [1]
चंचल मदमाते राते मृग, खंजन मीन लजौना ।
व्रजनिधि लालबिहारी हित सों, भुज भरी कंठ लगौना ॥ [2]

- श्री ब्रजनिधि जी
 
श्री प्यारी जू [श्री राधिका] की चितवन में कुछ टोना छुपा  है। श्री प्यारी जू ने श्री श्यामसुंदर को ऐसा मोह लिया है मानो वह उनकी नित्य ही चाटुकारिता करते हैं और उनके आस पास पीछे पीछे डोलते रहते हैं । [1]

श्री प्रिया जी के नैंन चंचल एवं मद में ऐसे भरे हैं जिनको देखकर मृग, खंजन एवं मीन भी लजा रहे हैं । श्री ब्रजनिधि जी कहते हैं कि श्री कुंज बिहारी श्री प्यारी जू को प्रेम में भर कर अपनी भुजाओं में भर कंठ से लगाए हुए हैं । [2]