झूठो है संसार यह, झूठी है यह देह ।
जो बिहारिदास कौ सुख चहौ, तौ यासौं तजौ स्नेह ।।
- श्री बिहारिन देव - बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धान्त की साखी (691)
यह संसार असत्य है और यह शरीर भी सदा साथ नहीं रहता। यदि तुम सच्चे सुख की चाह रखते हो, तो सांसारिक सुखों और जीवों से अपना स्नेह हटाकर श्री बिहारी-बिहारिनी जू के चरणों में लगा दो।
जो बिहारिदास कौ सुख चहौ, तौ यासौं तजौ स्नेह ।।
- श्री बिहारिन देव - बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धान्त की साखी (691)
यह संसार असत्य है और यह शरीर भी सदा साथ नहीं रहता। यदि तुम सच्चे सुख की चाह रखते हो, तो सांसारिक सुखों और जीवों से अपना स्नेह हटाकर श्री बिहारी-बिहारिनी जू के चरणों में लगा दो।

