सहज दयामयि राधिका - श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार (भाईजी), पद रत्नाकर, वंदना एवं प्रार्थना (12.5)

सहज दयामयि राधिका - श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार (भाईजी), पद रत्नाकर, वंदना एवं प्रार्थना (12.5)

सहज दयामयि राधिका, सो करि कृपा महान ।
करत रहैं मो अधम कौं, सदा चरन रज दान ॥

- श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार (भाईजी), पद रत्नाकर, वंदना एवं प्रार्थना (12.5)

श्री राधिका स्वभाव से ही अत्यंत दयालु हैं, वे मुझ पर अपनी महान कृपा बनाए रखें। मेरी यही अभिलाषा है कि वे मुझ जैसे अधम (पतित) जीव को सदैव अपनी पावन चरण-रज का दान प्रदान करती रहें।