जैति जैति सब वन नृपति, श्री वृंदावन धाम ।
तहाँ बसत संतत सुखित, स्याम वाम अभिराम ॥
- श्री किशोर दास, श्री वृंदाविपुन विलास (2)
समस्त वनों का राजा श्री वृंदावन धाम है, क्योंकि यहाँ श्यामसुंदर के वामांग में परम रमणीय स्वरूप वाली श्री स्वामिनीजी (श्री राधा) प्रेम में उन्मत्त होकर नित्य विराजमान रहती हैं।
तहाँ बसत संतत सुखित, स्याम वाम अभिराम ॥
- श्री किशोर दास, श्री वृंदाविपुन विलास (2)
समस्त वनों का राजा श्री वृंदावन धाम है, क्योंकि यहाँ श्यामसुंदर के वामांग में परम रमणीय स्वरूप वाली श्री स्वामिनीजी (श्री राधा) प्रेम में उन्मत्त होकर नित्य विराजमान रहती हैं।

