कबिरा कबिरा क्या कहे, जा जमुना के तीर - श्री कबीरदास

कबिरा कबिरा क्या कहे, जा जमुना के तीर - श्री कबीरदास

 कबिरा कबिरा क्या कहे, जा जमुना के तीर ।
इक इक गोपी प्रेम पै, बहिगे कोटि कबीर ।।

- श्री कबीरदास
 
श्री कबीरदास जी संकेत करते हैं कि “कबिरा-कबिरा” जपने से क्या लाभ? यदि प्रेम का सत्य देखना हो तो वृन्दावन में श्री यमुना के पावन तट पर जाओ, जहाँ प्रत्येक गोपी का प्रेम इतना अगाध है कि उस पर कोटि-कोटि कबीर भी न्योछावर हो सकते हैं।