कुँवरि किशोरी राधे सुख की रासि ।
देऊ कृपा कर मोहे लाड़िली
बरसाने को वास ॥ [1]
तजो कृपणता बेगि छबीली
ब्रजजन झूठन आस ।
घूरे लोट रहत 'बंशीअलि'
ललिता सखी विश्वास ॥ [2]
- श्री वंशी अलि, सिद्धांत के पद (22)
कुँवरी किशोरी श्री राधे ही सुख की राशि हैं । हे लाड़िली, अब तो मुझे आपकी कृपा की आशा है एवं बरसाने के वास पर ही भरोसा है । [1]
हे छबीली, मुझे अब अपनी कृपा से और वंचित मत रखिए, जल्दी मुझपर कृपा करिए, ब्रजवासियों की झूठन का ही एक आसरा है । अब तो मैं बरसाना के घूरे [कचरे के ढेर] में विभोर होकर लोट रहा हूँ, एक मात्र अपनी गुरु श्री ललिता सखी की आज्ञा पर ही मुझे पूर्ण विश्वास है । [2]
देऊ कृपा कर मोहे लाड़िली
बरसाने को वास ॥ [1]
तजो कृपणता बेगि छबीली
ब्रजजन झूठन आस ।
घूरे लोट रहत 'बंशीअलि'
ललिता सखी विश्वास ॥ [2]
- श्री वंशी अलि, सिद्धांत के पद (22)
कुँवरी किशोरी श्री राधे ही सुख की राशि हैं । हे लाड़िली, अब तो मुझे आपकी कृपा की आशा है एवं बरसाने के वास पर ही भरोसा है । [1]
हे छबीली, मुझे अब अपनी कृपा से और वंचित मत रखिए, जल्दी मुझपर कृपा करिए, ब्रजवासियों की झूठन का ही एक आसरा है । अब तो मैं बरसाना के घूरे [कचरे के ढेर] में विभोर होकर लोट रहा हूँ, एक मात्र अपनी गुरु श्री ललिता सखी की आज्ञा पर ही मुझे पूर्ण विश्वास है । [2]

