बड़े भाग पाई जु हम, जीवन प्रान-अधारि - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावानी, सहज सुख (30)

बड़े भाग पाई जु हम, जीवन प्रान-अधारि - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावानी, सहज सुख (30)

बड़े भाग पाई जु हम, जीवन प्रान-अधारि ।
जोरी रसिक-सिरोमनी, सहज सदा सुखकारि ॥

- श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावानी, सहज सुख (30)

रसिक दम्पति की यह जोड़ी हमें बड़े भाग्य से प्राप्त हुई है। यह हमारे जीवन और प्राणों की आधार-स्वरूपा है। यह जोड़ी रसिक-शिरोमणि है और सदा सहज सुख प्रदान करने वाली है।