अति सुख पायौ सुन्दरी, वृन्दाविपिन विलास ।
गोविन्द - प्रभु स्यामहि मिलि, पूजी मन की आस ॥
- श्री गोविन्द स्वामी, श्री गोविन्द स्वामी जी की वाणी
श्री वृन्दावन के इस अद्भुत विलास में मेरे मन ने अति सुख पाया है। जब मेरे प्रभु श्री श्यामसुंदर की मुझे प्राप्ति हो गई, तब मेरी समस्त आशाएँ पूर्ण हो गईं।
गोविन्द - प्रभु स्यामहि मिलि, पूजी मन की आस ॥
- श्री गोविन्द स्वामी, श्री गोविन्द स्वामी जी की वाणी
श्री वृन्दावन के इस अद्भुत विलास में मेरे मन ने अति सुख पाया है। जब मेरे प्रभु श्री श्यामसुंदर की मुझे प्राप्ति हो गई, तब मेरी समस्त आशाएँ पूर्ण हो गईं।

