सेव्य सदा श्रीराधिका, सेवक नन्द कुमार ।
दूजे सेवक सहचरी, सेवा विपुल विहार॥
- श्री वंशी अलि, ह्रदय सर्वस्व (5)
श्री वृन्दावन के सुंदर नित्य विहार में श्री राधिका ही सदा सेव्य हैं; और श्री श्यामसुंदर तथा सहचरियाँ उनकी नित्य सेवक हैं।
दूजे सेवक सहचरी, सेवा विपुल विहार॥
- श्री वंशी अलि, ह्रदय सर्वस्व (5)
श्री वृन्दावन के सुंदर नित्य विहार में श्री राधिका ही सदा सेव्य हैं; और श्री श्यामसुंदर तथा सहचरियाँ उनकी नित्य सेवक हैं।

