ब्रजवासी वल्लभ सदा मेरे जीवन प्रान - ब्रज के दोहे

ब्रजवासी वल्लभ सदा मेरे जीवन प्रान - ब्रज के दोहे

ब्रजवासी वल्लभ सदा, मेरे जीवन प्रान।
इन्है न नेक विसारिहौं, मोहिं नंदकी आन॥

- ब्रज के दोहे

श्री ठाकुर जी कहते हैं कि ब्रजवासी मेरे लिए प्राणों से भी अधिक प्रिय हैं। मुझे नंद बाबा की शपथ है कि मैं एक क्षण के लिए भी ब्रजवासियों को अपने हृदय से विस्मृत नहीं करता।