पीरी सारी पहरें प्यारी ।
अंगिया, लहँगा तिही रङ्ग की पीरी तापर जरद किनारी ॥ [1]
पियरे ही भूषन कुसुमनि के कर गेंदुक लिये फूल हजारी ।
प्रीतम प्रेम प्रवाह परे लषि यहै कौन पीतांबर नारी ॥ [2]
- श्री पीताम्बर देव जी
आज श्री राधारानी ने पीली साड़ी धारण किया है, उनका अंगिया एवं लहँगा भी पीले रंग का है एवं उसपर जरी का किनारा भी पिले रंग का है । [1]
श्री राधारानी के आभूषण भी पीले रंग के पुष्पों से बने हुए हैं एवं उन्होंने कर कमल में गेंदे के पीले रंग के पुष्प लिए हुए हैं । श्री पीताम्बर देव जी कहते हैं कि श्री कृष्ण उन्हें देखकर प्रेम-प्रवाह में पड़ सोचने लगते हैं ऐसी अद्बुत यह पीतांबर नारी कौन है । [2]
अंगिया, लहँगा तिही रङ्ग की पीरी तापर जरद किनारी ॥ [1]
पियरे ही भूषन कुसुमनि के कर गेंदुक लिये फूल हजारी ।
प्रीतम प्रेम प्रवाह परे लषि यहै कौन पीतांबर नारी ॥ [2]
- श्री पीताम्बर देव जी
आज श्री राधारानी ने पीली साड़ी धारण किया है, उनका अंगिया एवं लहँगा भी पीले रंग का है एवं उसपर जरी का किनारा भी पिले रंग का है । [1]
श्री राधारानी के आभूषण भी पीले रंग के पुष्पों से बने हुए हैं एवं उन्होंने कर कमल में गेंदे के पीले रंग के पुष्प लिए हुए हैं । श्री पीताम्बर देव जी कहते हैं कि श्री कृष्ण उन्हें देखकर प्रेम-प्रवाह में पड़ सोचने लगते हैं ऐसी अद्बुत यह पीतांबर नारी कौन है । [2]

