श्रीजमुना जी वा पार है, मान सरोवर स्वक्ष ।
गंगा जमुना कौ भयौ, संगम इहां प्रतक्ष ॥
- श्री हित रूप लाल, श्री वृंदावन स्मरण (87)
श्री यमुना जी के उस पार अत्यंत निर्मल और पावन मान सरोवर स्थित है। यहाँ गंगा और यमुना का मिलन साक्षात् प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देता है।

