मंगल मनि आनंद निधि, परम प्रेम रस रूप ।
ऐसे वृंदाविपिन की, उपमा अमित अनूप ॥
- श्री किशोर दास, श्री वृंदाविपुन विलास (14)
श्री वृन्दावन साक्षात् मंगलमणि और आनंद की निधि है, जो परम प्रेम-रस का ही साकार स्वरूप है। ऐसे अनुपम श्री वृंदा-विपिन की महिमा अनंत है, जिसकी तुलना संसार की किसी भी वस्तु से नहीं की जा सकती।
ऐसे वृंदाविपिन की, उपमा अमित अनूप ॥
- श्री किशोर दास, श्री वृंदाविपुन विलास (14)
श्री वृन्दावन साक्षात् मंगलमणि और आनंद की निधि है, जो परम प्रेम-रस का ही साकार स्वरूप है। ऐसे अनुपम श्री वृंदा-विपिन की महिमा अनंत है, जिसकी तुलना संसार की किसी भी वस्तु से नहीं की जा सकती।

