(राग श्यामकल्याण)
राधा प्यारी रूप उजारी मोतन नेक हेरो ।
मेरी प्यारी तन मन धन छबि ऊपर वारो नाम उचारों मैं तेरो ॥ [1]
हँस मुसकाय वदन तन हेरो मोहिं करो चरणनको चेरो ।
अली किशोरी एक-बार कहो लाल विहारी मेरो ॥ [2]
- श्री किशोरी अली जी
श्री कृष्ण श्री राधा से कहते हैं कि हे रूप से उज्जवल श्री राधे, मेरी ओर भी तनिक निहार लीजिये । हे मेरी प्यारी, मैं तुम्हारी छवि पर अपना तन-मन-धन न्यौछावर कर तुम्हारे ही नाम का उच्चारण करता हूँ । [1]
हे श्री राधे, मुस्कुराते हुए मेरी और देखिये, मुझे अपने चरणों का दास बना लीजिये । हे किशोरी जी, एक बार कह दीजिये कि "लाल बिहारी मेरे हैं ।" [2]
राधा प्यारी रूप उजारी मोतन नेक हेरो ।
मेरी प्यारी तन मन धन छबि ऊपर वारो नाम उचारों मैं तेरो ॥ [1]
हँस मुसकाय वदन तन हेरो मोहिं करो चरणनको चेरो ।
अली किशोरी एक-बार कहो लाल विहारी मेरो ॥ [2]
- श्री किशोरी अली जी
श्री कृष्ण श्री राधा से कहते हैं कि हे रूप से उज्जवल श्री राधे, मेरी ओर भी तनिक निहार लीजिये । हे मेरी प्यारी, मैं तुम्हारी छवि पर अपना तन-मन-धन न्यौछावर कर तुम्हारे ही नाम का उच्चारण करता हूँ । [1]
हे श्री राधे, मुस्कुराते हुए मेरी और देखिये, मुझे अपने चरणों का दास बना लीजिये । हे किशोरी जी, एक बार कह दीजिये कि "लाल बिहारी मेरे हैं ।" [2]

