सब तत्वनि कौ सार जो, जुगल विहार है ।
ताहू कौ पर सार, कीरती सकुँवार है ॥
- श्री वंशी अलि, श्री ललिता मंगल (18)
ताहू कौ पर सार, कीरती सकुँवार है ॥
- श्री वंशी अलि, श्री ललिता मंगल (18)
समस्त तत्त्वों का सार यदि श्री श्यामा-श्याम का युगल-विहार है, तो उसका भी परम सार कीरति सकुँवारी श्री राधा हैं।

