नितबिहार जहं करैं विहारी। कृष्णकुंवर अरु राधा प्यारी॥
गौर रूप वृषभानुदुलारी। श्याम रूप हैं कृष्णमुरारी॥
- श्री चरण दास, भक्तिसागर
जहाँ गौर रूप वृषभानु-नंदिनी श्री राधिका तथा साँवले रूप श्री कृष्णचंद्र नित्य विहार करते हैं, ऐसा अद्भुत धाम ही श्री वृन्दावन है।
गौर रूप वृषभानुदुलारी। श्याम रूप हैं कृष्णमुरारी॥
- श्री चरण दास, भक्तिसागर
जहाँ गौर रूप वृषभानु-नंदिनी श्री राधिका तथा साँवले रूप श्री कृष्णचंद्र नित्य विहार करते हैं, ऐसा अद्भुत धाम ही श्री वृन्दावन है।

