श्री वृषभानु लड़ैती गाइए, कीरती-कुल-मंडन बाल हो ।
सोने की सी बेली हो, प्यारी चम्पे की सी माल हो॥
- गोस्वामी श्री हरिराय जी
श्री वृषभानु जी की परम लाड़ली श्री राधा का यश गान कीजिए, जो माता कीर्ति के कुल की शोभा बढ़ाने वाली दिव्य सुकुमारी हैं। वे स्वर्णमयी लता (बेली) के समान कांतिवान और अत्यंत सुकोमल हैं, और श्री प्रियतम के हृदय पर चम्पे के फूलों की माला के समान सुशोभित हैं।
सोने की सी बेली हो, प्यारी चम्पे की सी माल हो॥
- गोस्वामी श्री हरिराय जी
श्री वृषभानु जी की परम लाड़ली श्री राधा का यश गान कीजिए, जो माता कीर्ति के कुल की शोभा बढ़ाने वाली दिव्य सुकुमारी हैं। वे स्वर्णमयी लता (बेली) के समान कांतिवान और अत्यंत सुकोमल हैं, और श्री प्रियतम के हृदय पर चम्पे के फूलों की माला के समान सुशोभित हैं।

