राधा-चर्वित-तांबुलं चखाद मधुसूदनः - नारद पंचरात्र (2.6.13)

राधा-चर्वित-तांबुलं चखाद मधुसूदनः - नारद पंचरात्र (2.6.13)

राधा-चर्वित-तांबुलं चखाद मधुसूदनः।
द्वयोश चैको न भेदश च दुग्ध-धावल्ययोर यथा ॥

- नारद पंचरात्र (2.6.13)

भगवान शिव कहते हैं कि मधुसूदन (श्री कृष्ण) श्री राधा द्वारा चर्वित ताम्बूल भी खाते हैं । वे दोनों एक ही हैं, श्री राधा और श्री कृष्ण में उसी प्रकार कोई भेद नहीं है जिस प्रकार दूध और उसकी धवलता अविभेद्य है ।