हरौ येषां स्थिरा भक्ति भूयसी येषु तत्कृपा - पद्म पुराण, उत्तरखण्ड

हरौ येषां स्थिरा भक्ति भूयसी येषु तत्कृपा - पद्म पुराण, उत्तरखण्ड

हरौ येषां स्थिरा भक्ति भूयसी येषु तत्कृपा ।
तेषामेवाहि धन्यानां मथुरायां भवेद्रतिः ॥

- पद्म पुराण, उत्तरखण्ड

हरि की कृपा से जिसको स्थिरा भक्ति प्राप्त हो जाती है, ऐसे ही धन्य व्यक्ति की मथुरा (ब्रज) में प्रीति होती है ।