मेरे गुरु मात पिता, लाड़ली किशोरी एक

मेरे गुरु मात पिता, लाड़ली किशोरी एक

मेरे गुरु मात पिता, लाड़ली किशोरी एक,
इन्हीं को बल राखों निशि-दिन मन में।
- श्री हित गोपाल दास [सेवा कुञ्ज वाले], निकुंज रस वल्लरी (47)

मेरी गुरु, माता, पिता केवल एक श्री लाडिली किशोरी श्री राधिका हैं, केवल इन्हीं का बल ही मेरे हृदय में हर क्षण समाया हुआ है ।