ऐसी जो प्रियतमा श्यामकी, त्याग-मूर्ति, गुणवती उदार - श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार (भाईजी), पद रत्नाकर, वंदना एवं प्रार्थना (3)

ऐसी जो प्रियतमा श्यामकी, त्याग-मूर्ति, गुणवती उदार - श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार (भाईजी), पद रत्नाकर, वंदना एवं प्रार्थना (3)

ऐसी जो प्रियतमा श्यामकी, त्याग-मूर्ति, गुणवती उदार।
उन श्रीराधापद-कमलोंमें, नमस्कार है बारंबार ॥

- श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार (भाईजी), पद रत्नाकर, वंदना एवं प्रार्थना (3)

जो त्याग की प्रतिमूर्ति, गुणों की पराकाष्ठा और उदारता की सीमा हैं तथा श्री श्यामसुंदर की परम प्रियतमा हैं,  उन श्री राधा के चरण-कमलों में मैं बारंबार नमस्कार करता हूँ।